13 फरवरी को मुंबई में होगा पहला ‘मेक इन इंडिया' सप्ताह का आगाज, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन
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देश का पहला मेक इन इंडिया सप्ताह 13 फरवरी से मुंबई में शुरू होने वाला है. मल्टीनेशनल कंपनियों सहित 190 से अधिक कंपनियां और 60 देशों से पांच हजार प्रतिनिधिमंडल इसमें शामिल होंगे. समारोह में रतन टाटा और मुकेश अंबानी सहित देश के तमाम दिग्गज कारोबारी शिरकत करने वाले हैं. पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे उद्घाटन देश में निवेश को आकर्षि‍त करने के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस समारोह का उद्घाटन करेंगे. समारोह में चार राष्ट्रों के प्रमुख और 12 राज्यों के मुख्यमंत्री भी आने वाले हैं. सरकार की ओर से समारोह में वित्तमंत्री अरुण जेटली, पथ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, सूचना प्राद्यौगिकी और दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद, वाणिज्य और उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण और ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल सहित 13 केंद्रीय मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है. चार लाख करोड़ रुपये निवेश जुटाने का मकसद निर्मला सीतारमण ने इस बारे में बताया कि यह आयोजन जर्मनी के हैनोवर मेसे से प्रेरित है. विश्व में सबसे बडी औद्योगिक प्रदर्शनियों में हैनोवर मेसे बड़ा नाम है. उनके मंत्रालय के कई अफसर सितंबर 2015 में हैनोवर जाकर इस बारे में तमाम अध्ययन कर आए हैं. सीतारमण ने बताया कि भारतीय अर्थ्यवस्था अच्छी बढ़त की ओर है. ब्रिक्स देशों में सात फीसदी से ज्यादा वृद्धि दर बनाए रखने में सक्षम है और देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 38 फीसदी बढ़ गया है. मेक इन इंडिया सप्ताह के दौरान चार लाख करोड़ रुपये के निवेश प्राप्त करने का लक्ष्य तय किया गया है. बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में हो रही है भव्य तैयारी मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, ओडिशा और पंजाब सहित 17 राज्यों की ओर से खास सत्रों का आयोजन तय हुआ है. कॉम्प्लेक्स में मेक इन इंडिया के लोगो के साथ 27 प्रदर्शनी हॉल बनाए जा रहे हैं. यहां 2.2 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में तैयारी की जा रही है. औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) के संयुक्त सचिव अतुल चतुर्वेदी ने कहा कि इस छह दिन के आयोजन में 52 देशों से सरकारी प्रतिनिधिमंडलों के हिस्सा लेने की भी संभावना है. मेक इन इंडिया सप्ताह का आयोजन डीआईपीपी, विदेश मंत्रालय और सीआईआई की ओर से साझा तौर पर किया जा रहा है.


LPG सब्सिडी बंद होने से होगी 500 करोड़ रुपये की बचत
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Madhya Pradesh
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एक साल में दस लाख रुपये से ज्यादा इनकम वाले उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस सब्सिडी बंद करने से सरकार को सालाना 500 करोड़ रुपये तक की बचत हो सकती है. रेटिंग एजेंसी इक्रा ने यह अनुमान जताया है. 1.25 से 1.5 गुना ज्यादा है खपत इक्रा ने एक बयान में कहा, इस श्रेणी के ग्राहकों को अगर सब्सिडी वाला एलपीजी सिलेंडर मिलना बंद हो जाता है तो सरकार को एलपीजी सब्सिडी के रूप में 500 करोड़ रुपये तक की बचत हो सकती है. इस श्रेणी के उपभोक्ताओं की खपत औसत उपभोग के मुकाबले 1.25 से 1.5 गुना अधिक है. ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा असर साथ ही इससे ग्राहकों पर कोई बड़ा विपरीत मौद्रिक प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि मौजूदा सब्सिडी का स्तर काफी कम है. बयान में कहा गया है, उच्च आय वाले ग्राहकों को एलपीजी सब्सिडी रोकने के लिए यह सही समय है क्योंकि एलपीजी पर मौजूदा सब्सिडी का स्तर (150 से 190 रुपये प्रति सिलेंडर) पिछले तीन महीने से कम है. एक जनवरी से लागू होगी योजना पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार योजना एक जनवरी से लागू होगी. एजेंसी ने इसके साथ ही देश की अर्थव्यवस्था के बारे में भी कहा है कि आर्थिक गतिविधियां अनिश्चित और सीमित दायरे में बनी रहेंगी.