75 बिजली बिल 2017 का सील लग रही 2016 की

: जबलपुर...मप्र विद्युत मंडल के कर्मचारी-अधिकारियों की ग्रामीण इलाकों में अंधेरगर्दी सामने आई है। ग्रामीण जन बिल बिल 2017 का चुका रहे हैं, लेकिन उनके बिलों में सील 2016 की लग रही है। बरेला अंतर्गत आने वाले करीब 50 गांव ऐसे हैं जहां पर मंडल के कर्मचारी-अधिकारियों की यह गलती पकड़ में आई है। दूसरी ओर अधिकारी-कर्मचारी के पास इसकी शिकायत करने पहुंच रहे ग्रामीणों को दुत्कार कर भगाया जा रहा है। ग्रामीणों को भय है कि कहीं बिल चुकाने के बाद भी उन्हें दोबारा बिल चुकाना न पड़े। हालांकि बरेला सब स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि टेक्निकल पॉब्लम की वजह से ऐसी स्थिति बनी हुई है। इसमें ग्रामीणों को परेशान होने की जरूरत नहीं है और ऐसी कोई शिकायत भी अभी तक कहीं से नहीं आई है। मनमानी कर रहे कर्मचारी ग्राम पंचायत उमारिया निवासी इमरत पटेल ने बताया कि नए बिल में बीते साल की सील लगा रहे हैं। लोगों के विरोध पर भी कर्मचारी अपनी गलती नहीं सुधार रहे हैं। कुछ दिन पहले ही दिसंबर माह का बिल जनवरी 2017 में चुकाया है, लेकिन बिल में 2017 के स्थान पर 2016 की सील लगी हुई है। विद्युत मंडल का भरोसा नहीं ग्रामीण रामशंकर उपाध्याय ने बताया कि मंडल के कर्मचारी गलती कर रहे हैं और इसकी गलती का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ सकता है। क्योंकि ग्रामीणों को अनेक बार मंडल की गलतियों का भुगतान अपनी जेब ढीली करके करना पड़ा है। अनाप-शनाप बिजली बिल के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन रानी लक्ष्मीबाई वार्ड के वाशिंदे इन दिनों बिजली विभाग द्वारा भेजे जा रहे अनाप-शनाप बिलों से परेशान हैं। जिसके विरोध में वार्डवासियों ने केंट ब्लाक कांग्रेस कमेटी के साथ मिलकर क्षेत्रीय कार्यालय में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। क्षेत्रवासियों ने बताया कि बिजली विभाग बिना रीडिंग के बिल भेज रहा है, जिसे भरने में गरीब परिवारों को बहुत अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान पार्षद जसवीन गुजराल, रितेश तिवारी, दीपक चौधरी सहित अन्य मौजूद थे।

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