83 पनागर फ़िर हुआ शर्मसार..इलाज न मिलने से हुई मौत

*पनागर स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की लापरवाही से हुई युवक की मोत* पनागर न्यूज़  प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पनागर में इन दिनों डॉक्टरों द्वारा की जा रही मनमानी और लापरवाही के चलते आज 30 वर्षीय युवक की तड़प तड़प कर मृत्यु हो गई,  प्राप्त जानकारी के अनुसार परियट महगवां निवासी रज्जु चौधरी को सांस बढ़ने की बीमारी थी सुबह 10 बजे उसे उसके परिजन इलाज हेतु पनागर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया भर्ती उपरांत मरीज को 1 गोली देकर मरीज को जबलपुर रिफर कर दिया गया दिवस अधिकारी आयुर्वेद रत्न डॉ चौहान  रविवार छुट्टी का दिन होने के कारण फार्मेल्टी निभाकर अस्पताल से गायब हो गए। उन्हें भी कई लोगों द्वारा कईबार बार फोन लगाने के बाद भी फोन नहीं उठाया गया। रविवार को अवकाश होने के कारण अस्पताल में ना ही कोई डॉक्टर मौजूद रहता है ना ही कोई नर्स या महिला डॉ रहती है। *बच सकती थी मरीज की जान*- वहीँ युवक की मौत के बाद इलाज कराने आये अन्य मरीजों के परिजनो ने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि यहाँ डॉक्टरों की मनमानी इसी तरह चलती है, युवक घंटे भर तड़पता रहा पर कोई जिम्मेदार डॉक्टरों के ना होने के कारण तड़प तड़प कर युवक राजू चौधरी की मौत हो गई। पनागर के जिम्मेदार अधिकारी व ब्लॉक मेडिकल अधिकारी डॉ लक्ष्मण शाह को कई बार फोन लगाने के बाद भी उनका फोन नहीं उठा। *चला रहे हैं प्राइवेट हॉस्पिटल*  - अस्पताल के अधिकतर डॉक्टरों द्वारा पनागर अस्पताल के करीब ही डॉक्टर हाउस नाम से प्राइवेट अस्पताल खोला गया है जिसमे शासकीय डॉक्टरों द्वारा ड्यूटी के दौरान ही प्राइवेट में इलाज किया जा रहा है इस कारण डॉक्टर अस्पताल में कम ही मिलते हैं नतीजतन भर्ती मरीजों का इलाज करने की बजाय मेडिकल या विक्टोरिया रिफर कर दिया जाता है  या फिर डॉक्टर हाउस में प्राइवेट इलाज किया जा रहा है, एम्बुलेन्स जो शासकीय वाहन है उसका भी प्राइवेट में भरपूर लाभ उठाया जा रहा है इस कारण किसी मरीज को रिफर करने के बाद सबसे बड़ी परेशानी सम्बंधित अस्पताल तक मरीज को ले जाने के लिए अस्पताल में ना ही एम्बुलेन्स रहती है ना है कोई वाहन की व्यवस्था रहती है।

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