जिले के ग्राम रोजड़ी में जंगल से सटे खेतों में काम करना अब जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।
शुक्रवार सुबह खेत पर चारा काट रहे किसान पर पीछे से आए तेंदुए ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। हमले से गांव में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम रोजड़ी निवासी लाखन सिंह राजपूत (40 वर्ष) खेत में अकेले काम कर रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने मौका पाते ही पीछे से हमला बोल दिया। तेंदुए के हमले में किसान की पीठ, गर्दन और हाथ पर गंभीर चोटें आईं। अचानक हुए हमले से किसान खेत में ही गिर पड़ा। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद तेंदुआ जंगल की ओर भाग निकला।
घायल किसान को परिजन और ग्रामीण तत्काल जिला अस्पताल देवास लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। फिलहाल किसान की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन हमले ने पूरे गांव को दहला दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की मौजूदगी पहले भी कई बार देखी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए गए। अब दिनदहाड़े किसान पर हुए हमले के बाद गांव में भय का माहौल है और लोग खेतों में जाने से डर रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए की तलाश व निगरानी शुरू की। विभाग द्वारा ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील तो की जा रही है, लेकिन ग्रामीणों का सवाल है कि जब तक कोई बड़ी अनहोनी नहीं होती, क्या तब तक कार्रवाई नहीं होगी?
जंगल से सटे गांवों में बढ़ते तेंदुए के हमले वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि विभाग कब तक तेंदुए को पकड़कर ग्रामीणों को राहत दिला पाता है, या फिर रोजड़ी जैसे गांव डर के साए में ही जीने को मजबूर रहेंगे।
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