शहर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की एक स्टाफ नर्स द्वारा जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित नर्स जागृति इनवाती को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। नर्स ने विद्यालय की प्रिंसिपल अविनाश रानी पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रिंसिपल पर प्रताड़ना का आरोप
अस्पताल में मीडिया से बात करते हुए जागृति ने बताया कि प्रिंसिपल अविनाश रानी उन्हें लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान कर रही थीं। उन्होंने बताया कि विद्यालय के बच्चों द्वारा निकाली गई एक रैली के मामले में प्रिंसिपल ने जानबूझकर उनका नाम घसीटा और उन पर बच्चों को भड़काने का आरोप लगाया।
जागृति का कहना है कि प्रिंसिपल उन पर हर समय निगरानी रखती थीं और उनके कमरे में बार-बार झांकती थीं। उन्होंने बताया कि प्रिंसिपल ने उनके काम में भी बाधा डाली और कई बार उनके रजिस्टर छीन लिए।
पुलिस और प्रशासन पर भी सवाल
पीड़ित नर्स ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस प्रताड़ना की शिकायत पुलिस और उच्चाधिकारियों से भी की थी। वह कई बार आजाद नगर थाने और अन्य पुलिस अधिकारियों के पास गईं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। जागृति का कहना है कि पुलिस अधिकारी प्रिंसिपल के साथ मिलकर उन्हें ही डराते-धमकाते थे।
घटनाक्रम
नर्स ने बताया कि घटना वाले दिन प्रिंसिपल ने उन्हें विद्यालय परिसर में घुसने से मना कर दिया और लेडीज गार्ड की मदद से उनके साथ मारपीट की। इसी अपमान और प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने विद्यालय के बाहर से जहर खरीदकर पी लिया।
जांच की मांग
इस घटना ने विद्यालय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता के परिजनों और शुभचिंतकों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच और आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बाइट महादेव प्रसाद नागोटिया सीएसपी