नई दिल्ली: महान साहित्यकार प्रेमचंद के कालजयी उपन्यास ‘गोदान’ के 80 साल पूरे होने पर दिल्ली जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में 10 अगस्त को इस पर आधारित फिल्म दिखाई जाएगी.
फिल्म ‘गोदान’ उपन्यास का फिल्मी रूपांतरण है, जिसका स्क्रीनप्ले और निर्देशन प्रसिद्ध गीतकार और निर्देशक गुलजार ने किया है. फिल्म विश्वविद्यालय के डॉ. एम ए अंसारी ऑडिटोरियम में 10 अगस्त को अपराह्न ढाई बजे से दिखाई जाएगी.
जामिया के प्रेमचंद आर्काइव्स एंड लिटररी सेंटर की निदेशक प्रोफेसर सबीहा ए जैदी ने बताया कि साथ ही विश्वविद्यालय के मानविकी एवं भाषा संकाय के डीन प्रोफेसर एम असदुद्दीन फिल्म के बारे में जानकारी देंगे.
गोदान मुंशी प्रेमचंद का आखिरी पूर्ण उपन्यास है. प्रेमचंद का असली नाम धनपत राय था. इस उपन्यास का प्रकाशन 1936 में पहली बार संयुक्त रूप से सरस्वती प्रेस, बनारस और हिंदी ग्रंथ रत्नाकर कार्यालय, मुंबई ने किया था. प्रेमचंद की मृत्यु के बाद गोदान का उर्दू में संस्करण 1939 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया की प्रकाशन शाखा मकतब जामिया लिमिटेड ने किया था.