मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर को दी 16 पीएम ई-बसों की सौगात, सामाजिक न्याय को बताया नीतियों की आत्मा जयपुर, 11 अगस्त। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जयपुर को पीएम ई-बस सेवा के तहत 16 इलेक्ट्रिक बसें समर्पित कीं। शासन सचिवालय में उन्होंने ई-बसों की विधिवत पूजा-अर्चना कर उनका अवलोकन किया और हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी विजन और क्लीन मोबिलिटी के तहत शुरू की गई ये इलेक्ट्रिक बसें आधुनिक, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। बिना धुएं और कम आवाज के चलने वाली ये बसें आने वाली पीढ़ियों को बेहतर पर्यावरण देने के संकल्प को मजबूत करेंगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 8 शहरों में 110 पीएम ई-बसें पहुंच चुकी हैं। प्रथम चरण में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, अलवर और अजमेर के लिए 675 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं। राज्य सरकार के विशेष प्रयासों से अतिरिक्त 475 ई-बसें भी स्वीकृत हुई हैं। इस तरह राजस्थान के लिए कुल 1 हजार 150 पीएम ई-बसों की मंजूरी मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-बसों के व्यवस्थित संचालन के लिए बस स्टैण्ड, चार्जिंग प्वाइंट सहित आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। सरकार आमजन को सुगम और किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक परिवहन सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए हाल ही में 144 रोडवेज बसों को रवाना किया गया है तथा जल्द ही रोडवेज के बेड़े में एक हजार बसें और शामिल की जाएंगी। सकारात्मक प्रबंधन के चलते रोडवेज को घाटे से उबारकर फायदे में लाया गया है और कर्मचारियों को समय पर वेतन देना सुनिश्चित किया गया है। सामाजिक न्याय हमारी नीतियों की आत्मा इसके बाद मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के सेवानिवृत्त अधिकारियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज के बीच निरंतर संवाद नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सामाजिक न्याय को नीतियों की आत्मा और योजनाओं का सार मानते हुए राज्य सरकार सबका साथ-सबका विकास की भावना से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्त अधिकारियों से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद भी सामाजिक दायित्व समाप्त नहीं होते। अपने प्रशासनिक अनुभव, जमीनी परिस्थितियों के ज्ञान और अनुभव का उपयोग करते हुए वे युवाओं को मार्गदर्शन दें और विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों को विकसित राजस्थान का आधार बनाकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। पानी, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ रामजल सेतु लिंक परियोजना और यमुना जल समझौते जैसे महत्वपूर्ण कार्य सरकार की इच्छाशक्ति को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने महज ढाई वर्ष में 12 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन की उपलब्धि हासिल की है। वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट और पंच गौरव जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कई योजनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्गों के कल्याण के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। 10 हजार से अधिक जनसंख्या वाले गांवों में वंचित वर्ग की आबादी के लिए सड़क, पेयजल और वेस्ट मैनेजमेंट जैसी सुविधाओं के विकास हेतु बाबा साहेब अंबेडकर आदर्श ग्राम विकास योजना के तहत कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत करीब सवा चार लाख तथा अनुसूचित जनजाति उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 4 लाख 30 हजार विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है। अंबेडकर तीर्थ स्थल यात्रा योजना के तहत बाबा साहब से जुड़े स्मृति स्थलों का भ्रमण, डॉ. भीमराव अंबेडकर राजस्थान दलित, आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत 887 करोड़ रुपये का ऋण वितरण तथा बारां जिले में पीएम-जनमन के तहत 14 हजार 636 पात्र परिवारों के आवास का सपना साकार किया गया है। सरकार ने छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के मैस भत्ते को 2 हजार 500 रुपये से बढ़ाकर 3 हजार 250 रुपये प्रतिमाह तथा खेल अकादमियों में मैस भत्ते को 2 हजार 600 रुपये से बढ़ाकर 4 हजार रुपये प्रतिमाह किया है। मां-बाड़ी केंद्रों में कार्यरत कार्मिकों के मानदेय में पिछले दो वर्षों में लगातार 10-10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है और 250 नए मां-बाड़ी केंद्र खोलने के आदेश जारी किए गए हैं। सेवानिवृत्त अधिकारियों ने छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि, निःशुल्क कोचिंग, कौशल विकास और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विरुद्ध अत्याचार के मामलों में प्रभावी जांच और त्वरित कार्रवाई के लिए भी सरकार की सराहना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। संवाद कार्यक्रम में ललित के. पंवार, जे.पी. चंदेलिया, रवि प्रकाश मेहरड़ा, ओम प्रकाश बैरवा एवं अनिल गोठवाल सहित भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, भारतीय राजस्व सेवा तथा प्रशासनिक एवं अन्य सेवाओं के सेवानिवृत्त अधिकारी उपस्थित रहे।
जयपुर को मिली 16 पीएम ई-बसों की सौगात, सीएम भजनलाल ने दिखाई हरी झंडी
