चाणसमा में करोड़ों के साइबर फ्रॉड का खुलासा सावधान! क्या आपने अपना बैंक खाता किराये पर दिया है? तो आप भी पुलिस की रडार पर आ सकते हैं! चाणसमा, पाटन (गुजरात): चाणसमा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' के तहत करोड़ों रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि किराये पर लिए गए बैंक खातों के जरिए ₹7.16 करोड़ से अधिक के संदिग्ध लेन-देन किए गए। इस मामले में अपने बैंक खाते, पासबुक, चेकबुक, ATM कार्ड, UPI आईडी और मोबाइल सिम दूसरों को इस्तेमाल के लिए देने वाले कुल 33 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच के अनुसार, साइबर ठग लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते किराये पर लेते हैं। इसके बाद उन्हीं खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी, निवेश के नाम पर धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, लोन फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों से प्राप्त रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। पुलिस का कहना है कि कई खाताधारकों को यह तक पता नहीं होता कि उनके खातों में लाखों या करोड़ों रुपये का लेन-देन हो रहा है। लेकिन कानून की नजर में खाताधारक भी जिम्मेदार माना जा सकता है। पुलिस की विशेष अपील अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक, ATM कार्ड, UPI ID, OTP या मोबाइल सिम किसी भी व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें। थोड़े से कमीशन के लालच में आकर आप गंभीर साइबर अपराध के आरोपी बन सकते हैं। यदि आपके खाते में कोई संदिग्ध लेन-देन दिखाई दे तो तुरंत अपनी बैंक शाखा से संपर्क करें और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
चाणसमा में ₹7.16 करोड़ के साइबर फ्रॉड का खुलासा
